You are currently viewing हिंदी कार्यपुस्तिका कक्षा 8 कार्यपत्रक 68 | Work Sheet 68
हिंदी कार्यपुस्तिका कक्षा 8 कार्यपत्रक 68

हिंदी कार्यपुस्तिका कक्षा 8 कार्यपत्रक 68 | Work Sheet 68

Class 8 Hindi Workbook | Work Sheet 68 | All Question solution

इस लेख में हम हिंदी कार्यपुस्तिका कक्षा 8 कार्यपत्रक 68 को हल करने का प्रयास करेंगे। जिसकी सहायता से आप कक्षा 8 की Hindi विषय की Workbook की Worksheet 68 को आसानी से हल कर सकते है।

इस कार्यपत्रक को हल करते हुए यूट्यूब वीडियों का लिंक भी आपको इस लेख के अंत में मिल जाएगा वहाँ से भी आप हिंदी कार्यपुस्तिका कक्षा 8 कार्यपत्रक 68 के सभी प्रश्नों को हल करना समझ सकते है।

प्रश्न 1. ‘हम पंछी उन्मुक्त गगन के’ कविता के लेखक शिवमंगल सिंह सुमन है। उनके बारे में टेबल में कुछ आंकड़े दिए गए है। जैसे; नाम, जन्म स्थान, आदि। आप दिए गए सभी तथ्य के आधार पर इसे वाक्य के रूप में लिखने का प्रयास करिए।

जैसे – शिव मंगल सिंह सुमन का जन्म 5 अगस्त 1915 को हुआ था।

नामशिव मंगल सिंह सुमन
जन्म5 अगस्त 1915
झगरपुर उन्नाव जिला, उत्तर प्रदेश, भारत
मृत्यु27 नवम्बर 2002 (उम्र 87)
उज्जैन, मध्य प्रदेश, भारत
कार्य क्षेत्रकवि और शिक्षाविद
राष्ट्रीयताभारतीय
अन्य रचना –मिट्टी की बरात, हिल्लोल, जीवन के गान
उल्लेखनीय सम्मान1974: साहित्य अकादमी पुरस्कार
1999: पद्म भूषण
1974: पद्म श्री
हिंदी कार्यपुस्तिका कक्षा 8 कार्यपत्रक 68

उत्तर – शिव मंगल सिंह सुमन का जन्म 5 अगस्त, 1915 को भारत के उत्तर प्रदेश राज्य के उन्नाव जिले के झगरपुर नामक स्थान पर हुआ था। इनकी मृत्यु 87 वर्ष की उम्र में 27 नवम्बर, 2002 को मध्य प्रदेश के उज्जैन नामक स्थान पर हुई। ये भारत के प्रसिद्ध कवि और शिक्षाविद थे। इनकी प्रमुख रचनाएँ मिट्टी की बरात, हिल्लोल, जीवन के गान आदि थी। इनको 1974 में साहित्य अकादमी पुरस्कार व पद्म श्री तथा 1999 में पद्म भूषण पुरस्कार मिले।

प्रश्न 2. आप भी अपने संस्था प्रधान का साधारण जीवन परिचय मालुम करके लिखिए।

उत्तर – हमारे संस्था प्रधान का नाम श्री रामरतन शर्मा है। वे 1975 में राजस्थान के जयपुर जिले के सांगानेर नामक स्थान पर एक मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ। उनकी प्रारंभिक शिक्षा सांगानेर में हुई और राजस्थान विश्वविद्यालय से स्नातक व हिंदी में स्नातकोत्तर की उपाधि प्राप्त की। श्री शर्मा ने 1997 में शिक्षक के रूप में सरकारी विद्यालय में अध्यापन कार्य प्रारम्भ किया। पदोन्नति के बाद 2012 से इन्होने संस्था प्रधान के पद पर हमारे विद्यालय में कार्य प्रारंभ किया। ये हमेशा लोगों की मदद के तैयार रहते है।

छात्रों को पढाई के लिए हमेशा प्रोत्साहित करते है।

उनको पढाई में आने वाली किसी समस्या के समाधान के लिए हमेशा तत्पर रहते है।

इस कार्यपत्रक का वीडियो नीचे दिया गया है।

ये भी पढ़ें –

प्रातिक्रिया दे

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.