इस पोस्ट में कक्षा 7 की सामाजिक विज्ञान विषय की पुस्तक के अध्याय 3 भारत में जलवायु के सभी महत्वपूर्ण प्रश्नों के सरल और सटीक उत्तर दिए गए हैं, जो परीक्षा की दृष्टि से बेहद उपयोगी हैं। यहाँ आपको प्रत्येक प्रश्न का हल आसान भाषा में मिलेगा, जिससे आपकी तैयारी मजबूत होगी और आप परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन कर पाएंगे।
अध्याय 3 भारत में जलवायु
Table of Contents
पाठगत महत्वपूर्ण प्रश्न –
प्रश्न 1. भारतीय जलवायु को कौन-कौन से तत्व विविध बनाते है?
उत्तर – भारतीय जलवायु को निम्नलिखित तत्व विविध बनाते हैं –
- हिमालय जैसे ऊँचे पहाड़।
- उत्तर से दक्षिण तक अलग-अलग अक्षांश।
- मैदान, पठार, रेगिस्तान, पहाड़ियाँ आदि अलग-अलग भू-आकृतियाँ।
- मानसूनी हवाएँ इत्यादि।
प्रश्न 2. मानसून क्या है ? यह कैसे बनता है?
उत्तर – मानसून मौसमी पवनों से जुड़ा प्रतिरूप है, जो मुख्यतः मौसमी वर्षा को दर्शाता है। ग्रीष्म ऋतु में स्थल भाग समुद्र की तुलना में अधिक गर्म होकर निम्न दबाव क्षेत्र बनाता है। इससे समुद्र से नमी युक्त पवनें स्थल की ओर आती हैं, संघनन होता है और वर्षा होती है। शीत ऋतु में पवनों की दिशा बदल जाती है; ये जमीन से समुद्र की ओर बहती हैं। ये बंगाल की खाड़ी से नमी एकत्रित कर दक्षिण भारत में वर्षा करती हैं।
प्रश्न 3. जलवायु का समाज, संस्कृति और आर्थिक स्थिति पर क्या प्रभाव पड़ता है?
उत्तर – जलवायु का गहरा प्रभाव कृषि, भोजन, वस्त्र, त्योहारों और आजीविका पर पड़ता है। मानसून की सफलता या असफलता कृषि उत्पादन, जल उपलब्धता और अर्थव्यवस्था को प्रभावित करती है। जलवायु से जुड़े त्योहार और परम्पराएँ भारतीय संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।
प्रश्न 4. जलवायु की समझ हमें प्राकृतिक आपदा के लिए तैयार रहने में किस प्रकार सहायता करती है?
उत्तर – जलवायु की समझ से चक्रवात, बाढ़, भूस्खलन और दावानल जैसी आपदाओं की संभावना को पहचाना जा सकता है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग लोगों को सुरक्षा के लिए आपदाओं पर नजर रखता है। इससे समय पर चेतावनी, तैयारी और राहत कार्य संभव होते हैं, जिससे जान-माल की हानि कम की जा सकती है।
प्रश्न 5. जलवायु परिवर्तन क्या है ? इसके परिणाम क्या-क्या होते हैं ?
उत्तर – जलवायु परिवर्तन का अर्थ तापमान, वर्षा और मौसम की घटनाओं में दीर्घकालिक परिवर्तन है। इसके परिणामस्वरूप तापमान में वृद्धि, ऋतुओं में असंतुलन, चरम मौसम की घटनाओं और प्राकृतिक आपदाओं की तीव्रता बढ़ जाती है, जिससे मानव और प्राकृतिक जीवन प्रभावित होता है।
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प्रश्न : आपकी प्रिय ऋतु कौन-सी हैं? अपने कारणों सहित इस पर एक संक्षिप्त निबंध लिखिए।
उत्तर – मेरी प्रिय ऋतु वसंत ऋतु है। यह वर्ष का सबसे सुंदर और मनमोहक समय होता है। वसंत ऋतु का मौसम न तो बहुत ठण्डा होता है और न ही बहुत गर्म, इसलिए यह सभी के लिए सुखद होता है। इस समय हल्की-हल्की ठंडी हवा चलती है, जो मन को प्रसन्न कर देती है। पक्षियों की मधुर चहचहाहट वातावरण को और भी सुहावना बना देती है। यह ऋतु हमें प्रकृति के करीब लाती है और जीवन में नई शुरुआत का संदेश देती है। यही कारण है कि यह मेरी सबसे प्रिय ऋतु है।
प्रश्न : आपके क्षेत्र में ऋतुओं से जुड़ी विशेष घटनाओं का पता लगाने के लिए तीन या चार विद्यार्थियों के समूह में चर्चा कीजिए। इनसे संबंधित गीत, उत्सवों से संबंधित भोजन, विभिन्न ऋतुओं से संबंधित प्रचलित प्रथाएँ आदि को लिखिए और कक्षा के साथ साझा कीजिए।
उत्तर – सबसे पहले तीन या चार विद्यार्थियों के समूह बनाकर अपने क्षेत्र में आने वाली प्रमुख ऋतुओं पर चर्चा करेंगे। ऋतुओं से जुड़ी विशेष बातें इस प्रकार है –
(क) वर्षा ऋतु –
विशेषताएँ – ठंडी हवाएँ, हरियाली, नदियों-तालाबों में पानी भरना।
गीत – कुरजा, सावन के लोकगीत
उत्सव – तीज, रक्षा बंधन, दीपावली
भोजन – पकौड़े, कढ़ी-चावल, मिठाइयाँ
प्रथाएँ – झुला झुलना, मेहंदी लगाना
(ख) ग्रीष्म ऋतु –
विशेषताएँ – तेज गर्मी, लू चलना
गीत – कुछ लोकगीत जो गर्मी और पानी की महत्ता बताते हैं
उत्सव – गंगा दशहरा (कुछ क्षेत्रों में)
भोजन – आम, तरबूज, लस्सी, छाछ
प्रथाएँ – हल्के कपड़े पहनना, सिर ढक कर रखना, दोपहर में बाहर कम निकलना
(ग) शीत ऋतु –
विशेषताएँ – ठण्डा मौसम, कोहरा
गीत – भजन -कीर्तन, लोकगीत
उत्सव – मकर संक्रांति, लोहड़ी
भोजन – गजक, रेवड़ी, तिल के लड्डू
प्रथाएँ – अलाव जलाना, ऊनी कपड़े पहनना
(घ) वसंत ऋतु –
विशेषताएँ – सुहावना मौसम, फूलों का खिलना
गीत – बसंत पंचमी के गीत
उत्सव – बसंत पंचमी, होली
भोजन – गुजिया, मालपुआ
प्रथाएँ – पीले वस्र पहनना, पतंग उड़ाना
पृष्ठ 51 (आइए पता लगाएँ)
प्रश्न : उधगमंडलम (ऊटी) एवं कोयम्बटूर लगभर समान अक्षांशों पर स्थित हैं। ऊटी में गर्मी का तापमान 10 – 25 डिग्री सेल्सियस जबकि कोयम्बटूर में 25 – 38 डिग्री सेल्सियस होता है। इन दो स्थानों पर तापमान में यह अन्तर क्यों है? इस बारे में आप क्या सोचते हैं?
उत्तर – उधगमंडलम (ऊटी) अधिक ऊँचाई पर स्थित है, जबकि कोयंबटूर अपेक्षाकृत निम्न एवं मैदानी क्षेत्र में स्थित है। जैसे – जैसे ऊँचाई बढ़ती है, तापमान घटता जाता है। इसी कारण समान अक्षांश होने के बावजूद ऊटी का तापमान (१०-२५ डिग्री) कम तथा कोयंबटूर का तापमान (२५-38 डिग्री) अधिक रहता है। इस बारे में मैं यह सोचता हूँ कि किसी स्थान का तापमान केवल अक्षांश पर ही निर्भर नहीं करता, बल्कि ऊँचाई जैसे भौगोलिक कारक भी तापमान को प्रभावित करते हैं।
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प्रश्न : क्या आपने कभी बाढ़ देखी है अथवा इसके विषय में पढ़ा हैं? भारत के भौतिक मानचित्र को देखिए। समूह में चर्चा कीजिए कि बताए गए राज्यों (असम, बिहार, उत्तर प्रदेश, केरल और आंध्र प्रदेश) राज्यों में बाढ़ क्यों आती है ?
उत्तर – जी हाँ, मैंने बाढ़ को देखा भी है और उसके बारे में पढ़ा भी है। बाढ़ मुख्यतः अत्यधिक वर्षा के कारण आती है। असम, बिहार और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में भारी वर्षा होने पर नदियाँ अपने तटों से बाहर बहने लगती हैं, जिससे बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होती है। केरल और आंध्र प्रदेश में भी मानसून के दौरान अधिक वर्षा होने से नदियों और जल निकासी तंत्र पर दबाव बढ़ जाता है, जिससे बाढ़ आती है। इस प्रकार इन राज्यों में बाढ़ का मुख्य कारन अधिक वर्षा और नदियों में जल की मात्रा का बढ़ जाना है।
पाठ्यपुस्तक के प्रश्न और क्रियाकलाप
प्रश्न 1. जलवायु के कारकों का उनके प्रभावों के साथ निम्नलिखित सूची में मिलान कीजिए –
| अ | ब |
| अक्षांश | (क) भारत में गर्मी के दौरान नमीयुक्त पवन को लता है। |
| ऊँचाई | (ख) उत्तर एवं दक्षिण में अलग-अलग जलवायु बनाता है। |
| समुद्र से निकटता | (ग) ऊँचे स्थानों को अधिक ठण्डा रखता है। |
| मानसूनी पवन | (घ) तापमान को प्रभावित करता है। |
उत्तर – (1) – (ख), (2) – (ग), (3) – (घ), (4) – (क) ।
प्रश्न 2. नीचे दिए गए प्रश्नों का उत्तर दीजिए –
(क) मौसम और जलवायु में क्या अन्तर है?
उत्तर – मौसम वह अवस्था है, जिसे हम दिन-प्रतिदिन अनुभव करते हैं; जैसे – तेज हवाएँ, वर्षा, गर्मी या ठण्ड, जबकि किसी विशेष क्षेत्र में लम्बे समय तक कम से कम कई दशकों तक पाए जाने वाले मौसमी प्रतिरूप को जलवायु कहते हैं।
(ख) समुद्र के निकट स्थित स्थानों का तापमान समुद्र से दूर स्थित स्थानों की तुलना में कम क्यों होता है ?
उत्तर – समुद्र तापमान को नियंत्रित करता है, इसलिए तटीय क्षेत्रों में तापमान में बहुत अधिक परिवर्तन नहीं होता है। समुद्र से दूरी बढ़ने पर तापमान अधिक और शीतकाल में तापमान कम हो जाता है। ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि भूमि ऊष्मा का अवशोषण शीघ्रता से करती है और शीघ्रता से छोड़ती है, जबकि समुद्र धीरे-धीरे ऊष्मा को अवशोषित करता है और धीरे-धीरे छोड़ता है।
(ग) भारतीय जलवायु को प्रभावित करने में मानसूनी पवन की क्या भूमिका है?
उत्तर – मानसूनी पवनें भारत में मौसमी वर्षा लाती हैं, जिससे नदियाँ जल से भर जाती हैं, मिट्टी में नमी आ जाती है और फसलें उगती हैं। ग्रीष्म ऋतु में मानसूनी पवनें ठंडे, उच्च दाब वाले महासागर से गर्म भू-भाग की ओर चलती हैं और नमी लेकर आती हैं, जिससे मानसूनी वर्षा होती है। सर्दियों में पवनें भूमि से समुद्र की ओर चलती हैं, जिससे अधिकांश भाग में शुष्क परिस्थितियाँ बन जाती हैं।
(घ) चेन्नई पूरे वर्ष गर्म क्यों रहता है, जबकि लेह ठण्डा रहता है?
उत्तर – चेन्नई भूमध्य रेखा के निकट होने के कारण लगभग पूरे वर्ष गर्म रहता है, क्योंकि वहाँ सूर्य की किरणें लगभग लम्बवत पड़ती हैं। दूसरी ओर, लेह एक ऊँचे स्थान पर स्थित है, जहाँ ऊँचाई बढ़ने के साथ वायुमंडलीय दबाव और वायु का घनत्व कम हो जाता है, जिससे वह ठंडा रहता है।
प्रश्न 3. इस पुस्तक के अंत में दिए गए भारत के मानचित्र को देखिए। लेह, चेन्नई, दिल्ली, पणजी, इन शहरों की जलवायु को पहचानिए।
- क्या यह स्थान समुद्र के समीप हैं, पर्वत पर हैं या रेगिस्तान में हैं?
- ये कारक वहाँ की जलवायु को किस प्रकार प्रभावित करते हैं?
उत्तर – लेह – यह शहर हिमालय पर्वत में उच्च ऊँचाई पर स्थित है और यहाँ अल्पाइन जलवायु पाई जाती है। इसकी अवस्थिति के कारण यहाँ का तापमान जल के हिमांक से नीचे रहता है और वर्षा बहुत कम होती है, क्योंकि मानसूनी हवाएँ यहाँ तक नहीं पहुँच पाती हैं।
चेन्नई – यह शहर समुद्र के समीप (पूर्वी तट पर) स्थित है और यहाँ उष्णकटिबंधीय जलवायु पाई जाती है। समुद्र से निकटता तापमान को नियंत्रित करती है, जिससे पूरे वर्ष मौसम मध्यम गर्म और आर्द्र रहता है और सर्दियों में हल्की ठण्ड होती है।
दिल्ली – यह शहर उत्तरी मैदानों में समुद्र से दूर स्थित है और यहाँ उपोष्णकटिबंधीय जलवायु पाई जाती है। दिल्ली की अवस्थिति समुद्र से दूर होने के कारण यहाँ ग्रीष्मकाल में अत्यधिक गर्मी और शीतकाल में ठण्ड होती है, अर्थात् तापमान में बड़ा अन्तर होता है।
पणजी – यह शहर पश्चिमी तटीय पट्टी में अर्थात् समुद्र के समीप स्थित है और यहाँ उष्णकटिबंधीय आर्द्र जलवायु पाई जाती है। समुद्र से निकटता तापमान को नियंत्रित करती है और मानसून के महीनों में भारी वर्षा होती है।
प्रश्न 4. भारत के मानचित्र पर गर्मी और सर्दी के मानसून चक्र को प्रदर्शित कीजिए।
- गर्मियों और सर्दियों में पवनें कहाँ चलती हैं, इसके प्रतीक लगाइए।
- मानसून के दौरान पवनों की दिशा दिखाइए।
उत्तर –

प्रश्न 5. भारत में कृषि और मौसम से जुड़े त्योहारों (जैसे – बैशाखी, ओणम) को दिखाते हुए एक रंगीन पोस्टर बनाइए। इन त्योहारों की तस्वीरें या रेखाचित्र लगाइए।
उत्तर – भारत में कृषि और मौसम से जुड़े त्योहार निम्नलिखित हैं –

पोंगल – यह दक्षिण भारत का एक महत्त्वपूर्ण चार दिवसीय फसल उत्सव है, जो मुख्य रूप से तमिलनाडु राज्य में मनाया जाता है। इस दौरान भरपूर फसल के लिए सूर्य देव, वर्षा और पशुओं को धन्यवाद दिया जाता है।
मकर संक्रांति – मकर संक्रांति मुख्य रूप से 14 – 15 जनवरी को मनाया जाने वाला सूर्य और फसल से जुड़ा प्रमुख मौसमी त्योहार है, जो सर्दियों के अंत, दिनों के बड़े होने (उत्तरायण) और नई फसलों के आगमन का प्रतिक है।
बैसाखी – बैसाखी उत्तर भारत, विशेष रूप से पंजाब और हरियाणा का एक प्रमुख सांस्कृतिक, धार्मिक और कृषि त्योहार है, जो प्रतिवर्ष 13 या 14 अप्रैल को मनाया जाता है। किसान इस दिन अच्छी फसल के लिए ईश्वर का धन्यवाद करते हैं।
ओणम – ओणम केरल का एक प्रमुख और भव्य वार्षिक फसल उत्सव है, जो मलयालम कैलेंडर के चिंगम महीने में मनाया जाता है। यह नए फसल मौसम और कृषि चक्र की शुरुआत का प्रतीक है।
प्रश्न 6. कल्पना कीजिए कि आप भारत में एक किसान हैं। बरसात के मौसम के लिए आप कैसे तैयारी करेंगे? इस बारे में डायरी में संक्षेप में लिखिए।
उत्तर – डायरी – 20 जून, 2026
आज सुबह से ही मैं बरसात के मौसम की तैयारी में लगा हूँ। खेत की जुताई पूरी कर ली है और अच्छे बीज खरीद लिए हैं। मैंने पानी की निकासी के लिए खेत में छोटी-छोटी नालियाँ भी बनाई हैं ताकि ज्यादा बारिश होने पर फसल ख़राब न हो।
मैंने खाद और कीटनाशक भी पहले से जमा कर लिए हैं। बैलों और कृषि उपकरणों की मरम्मत करवा दी है। मौसम विभाग की खबरों पर ध्यान रख रहा हूँ ताकि समय पर बुवाई कर सकूँ।
मुझे उम्मीद है कि इस साल अच्छी बारिश होगी और फसल भी अच्छी होगी।
–आपका किसान साथी
प्रश्न 7. किसी प्राकृतिक आपदा (जैसे – चक्रवात, बाढ़, भूस्खलन या दावानल) की पहचान कीजिए और एक छोटा निबंध लिखिए, जिसमें इसके कारण और प्रभाव सम्मिलित हों। ऐसे सुझाव दीजिए जो व्यक्ति, समुदाय और सरकार को इस आपदा के प्रभाव को कम करने में सहायक हो सकते हैं।
उत्तर – निबंध – प्राकृतिक आपदा-बाढ़
प्रस्तावना – बाढ़ एक गंभीर प्राकृतिक आपदा है, जो अत्यधिक वर्षा, नदियों के उफान या बांध टूटने के कारण आती है। भारत में हर वर्ष कई राज्यों में बाढ़ की समस्या देखने को मिलती है। विशेष रूप से बिहार, असम और उत्तर प्रदेश में बाढ़ से बहुत नुकसान होता है।
बाढ़ के कारण –
- लगातार और आत्याधिक वर्षा
- नदियों का जलस्तर बढ़ना
- जंगलों की कटाई
- जल निकासी की खराब व्यवस्था
- बांध या तटबंध टूट जाना
बाढ़ के प्रभाव
- लोगों के घर और फसलें नष्ट हो जाती हैं।
- पशु और मानव जीवन को खतरा होता है।
- सड़कें, पुल और बिजली व्यवस्था खराब हो जाती है।
- बीमारियाँ फैलने लगती हैं।
- लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ता है।
बाढ़ से बचाव के सुझाव
व्यक्ति के लिए
- मौसम की चेतावनियों पर ध्यान देना चाहिए।
- जरूरी सामान और दवाइयाँ सुरक्षित रखना चाहिए।
- बाढ़ के समय ऊँचे स्थानों पर जाना चाहिए।
समुदाय के लिए
- मिलकर राहत कार्य करना चाहिए।
- जल निकासी की व्यवस्था साफ रखनी चाहिए।
- लोगों को जागरूक करना चाहिए।
सरकार के लिए
- मजबूत तटबंध और बाँध बनाने चाहिए।
- समय पर चेतावनी प्रणाली विकसित करनी चाहिए।
- राहत शिविर और चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवानी चाहिए।
- वृक्षारोपण को बढ़ावा देना चाहिए।
निष्कर्ष
बाढ़ एक विनाशकारी आपदा है, लेकिन सही तैयारी और सहयोग से इसके नुकसान को कम किया जा सकता है। व्यक्ति, समाज और सरकार यदि मिलकर कार्य करें, तो लोगों की सुरक्षा बेहतर ढंग से की जा सकती है।
