रीतिकाल
हिंदी साहित्य का रीतिकाल नामकरण आचार्य रामचंद्र शुक्ल ने संवत् 1700 वि. से 1900 वि. (1643 ई. से 1843 ई.) तक के काल-खंड को रीतिकाल कहा है। मध्यकाल के दुसरे…
हिंदी साहित्य का रीतिकाल नामकरण आचार्य रामचंद्र शुक्ल ने संवत् 1700 वि. से 1900 वि. (1643 ई. से 1843 ई.) तक के काल-खंड को रीतिकाल कहा है। मध्यकाल के दुसरे…
First Grade Teacher GK(First Paper) यहाँ पर आपको राजस्थान लोक सेवा आयोग(RPSC),अजमेर द्वारा आयोजित First Grade Teacher GK (व्याख्याता- स्कूल शिक्षा) भर्ती परीक्षा के प्रथम प्रश्न-पत्र (First Paper) से संबंधित…
हिंदी में रामकाव्य हिंदी में रामकाव्य की शुरुआत भक्तिकाल में हुई मानी जाती है। लेकिन उपलब्ध प्रमाणों से यह सिद्ध हो चुका है कि वाल्मीकि द्वारा संस्कृत भाषा में लिखित…
राजस्थान में उद्योग राज्य में उद्योग यहाँ की भौगोलिक परिस्थतियों के कारण ज्यादा विकसित नहीं हो सके है। राज्य के गठन के समय यहाँ 11 वृहद् उद्योग, 7 सूती वस्र,…
हिंदी में कृष्णकाव्य हिंदी में कृष्णकाव्य आदिकाल की सगुन भक्ति के अंतर्गत आता है। ऋग्वेद के कुछ सूक्तों के रचियता ऋषि कृष्ण हैं। छांदोग्य उपनिषद में भी आंगिरस के…
हिंदी सूफी काव्य सूफी मत का वैचारिक आधार: भक्तिकाल की निर्गुण धारा के अंतर्गत हिंदी संत काव्य एवं हिंदी सूफी काव्य नामक दो शाखाएँ है। हिंदी सूफी काव्य के अन्य…
राजस्थान में पर्यटन
संत काव्य का दार्शनिक आधार है शंकराचार्य एवं उपनिषदों द्वारा प्रतिपादित अद्वैत दर्शन, नाथ पंथ, सूफी धर्म एवं इस्लाम। उपनिषदों में निरुपित ब्रह्म, जीव, जगत एवं माया के स्वरूप को संत कवियों ने ज्यों का त्यों ग्रहण किया।
राजस्थान में ऊर्जा संसाधन(Energy Resources in Rajasthan)