इस पोस्ट में कक्षा 7 की सामाजिक विज्ञान विषय की पुस्तक के अध्याय 4 नवारंभ नगर एवं राज्य के सभी महत्वपूर्ण प्रश्नों के सरल और सटीक उत्तर दिए गए हैं, जो परीक्षा की दृष्टि से बेहद उपयोगी हैं। यहाँ आपको प्रत्येक प्रश्न का हल आसान भाषा में मिलेगा, जिससे आपकी तैयारी मजबूत होगी और आप परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन कर पाएंगे। अध्याय 4 नवारंभ नगर एवं राज्य
अध्याय 4 नवारंभ – नगर एवं राज्य
Table of Contents
पाठगत प्रश्न
प्रश्न 1. भारत में ‘द्वितीय नगरीकरण’ से क्या अभिप्राय है?
उत्तर – भारत में ‘द्वितीय नगरीकरण’ से अभिप्राय उस नए नगरीकरण चरण से है, जो प्रथम सहस्राब्दी ईसा पूर्व में विशेषकर गंगा के मैदानी भाग, सिंधु घाटी के कुछ क्षेत्रों तथा उनके आस-पास के क्षेत्रों में प्रारंभ हुआ। यह चरण हड़प्पा सभ्यता के पतन के बाद विकसित हुआ और इसके प्रमाण पुरातात्विक उत्खननों तथा उत्तर वैदिक, बौद्ध और जैन साहित्य में मिलते हैं।
प्रश्न 2. जनपदों और महाजनपदों का भारत के प्रारंभिक इतिहास में क्या महत्त्व है?
उत्तर – जनपदों और महाजनपदों का भारत के प्रारंभिक इतिहास में विशेष महत्त्व है, क्योंकि इन्हीं के माध्यम से संगठित राजनीतिक व्यवस्था का विकास हुआ। जनपदों के उदय से लोग निश्चित भू-भागों में बसने लगे और शासन व्यवस्था स्पष्ट हुई। आगे चलकर जनपद मिलकर महाजनपद बने, जो भारत के प्रथम संगठित राज्य थे।
प्रश्न 3. इन जनपदों और महाजनपदों ने किस प्रकार की शासन प्रणाली का विकास किया?
उत्तर – जनपदों और महाजनपदों में मुख्यतः ‘राजतंत्रीय शासन प्रणाली’ विकसित हुई,
जिसमें राजा सर्वोच्च शासक होता था और उसका पद सामान्यतः वंशानुगत होता था।
राजा शासन कार्यों में सभा और समिति से परामर्श लेता था।
कुछ महाजपदों जैसे – वज्जि और मल्ल, में ‘गणतंत्रीय शासन प्रणाली’ विकसित हुई, जहाँ महत्त्वपूर्ण निर्णय सभा द्वारा लिए जाते थे।
इन राज्यों में राजा का चयन भी सभा द्वारा किया जाता था।
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प्रश्न : इन नवीन राजकीय इकाइयों में सर्वाधिक शक्तिशाली महाजनपद थे – मगध, कोसल, वत्स तथा अवंति। मानचित्र को देखकर क्या आप इनकी राजधानियों की पहचान कर सकते हैं? साथ ही, इनमें से कितने नगरों की पहचान वर्तमान भारतीय नगरों से की जा सकती है?
उत्तर – प्रश्न में वर्णित शक्तिशाली महाजनपदों की राजधानियाँ और उनकी वर्तमान पहचान निम्नलिखित हैं –
- मगध महाजनपद –
प्राचीन राजधानी : राजगृह (आधुनिक -बिहार)
- कोसल महाजनपद –
प्राचीन राजधानी : श्रावस्ती [आधुनिक -श्रावस्ती (उत्तर प्रदेश )]
- वत्स महाजनपद –
प्राचीन राजधानी : कौशाम्बी [आधुनिक -कौशाम्बी (प्रयागराज के समीप, उत्तर प्रदेश )]
- अवंति महाजनपद –
प्राचीन राजधानी : उज्जयिनी [आधुनिक – उज्जैन (मध्य प्रदेश )]
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प्रश्न : एक विकसित समाज अपने आप को विभिन्न समूहों में क्यों विभाजित करता है? ऐसा क्यों होता हैं, इसके संभावित कारणों पर विचार करें।
उत्तर – एक विकसित समाज अपने आप को विभिन्न समूहों में इसलिए विभाजित करता है,
क्योंकि समाज में कार्यों की संख्या और जटिलता बढ़ जाती है।
शासन, प्रशासन, धर्म, शिक्षा, कृषि, व्यापार, शिल्प, निर्माण और सुरक्षा जैसे अलग-अलग
कार्यों के कुशल संचालन के लिए कार्य-विभाजन आवश्यक हो जाता है।
इससे प्रत्येक समूह अपने विशेष कार्य में दक्षता प्राप्त करता है और समाज सुचारु रूप से चलता है।
हालांकि समय के साथ यही विभाजन कभी-कभी असमानताओं को भी जन्म देता है।
प्रश्न : आप प्रथम सहस्राब्दी सा.सं.पू. के एक विकसित समाज में ऐसे और कौन-कौन से व्यवसायों की कल्पना कर सकते हैं?
उत्तर – इस काल के विकसित समाज में शासन और प्रशासन, धर्म व शिक्षा, व्यापार, नगर-नियोजन, कृषि, शिल्प तथा
कला से जुड़े विभिन्न व्यवसाय मौजूद रहे होंगे।
इसके अंतर्गत कृषक, शिल्पकार, व्यापारी, निर्माण कार्य से जुड़े लोग, धार्मिक कर्मकांड कराने वाले
और प्रशासनिक कार्य करने वाले लोग शामिल थे।
पाठ्यपुस्तक के प्रश्न और क्रियाकलाप
प्रश्न 1. अध्याय के आरंभ में दिए गए उद्धरण पर विचार करें और समूह में चर्चा करें। अपने निरीक्षणों तथा निष्कर्षों की तुलना करें कि कौटिल्य ने एक राज्य के लिए क्या अनुशंसा की थी? क्या यह आज की परिस्थिति से भिन्न है?
उत्तर – कौटिल्य ने कहा है कि एक आदर्श राज्य में सुरक्षित राजधानी और सीमांत नगर, मजबूत दुर्ग, उपजाऊ कृषि भूमि, खनिज, वन और चारागाह, पर्याप्त जल स्रोत, सुगम सड़कें और जलमार्ग तथा उत्पादक और विविध अर्थव्यवस्था होनी चाहिए। राज्य को ऐसा होना चाहिए कि वह जन-सामान्य का पोषण कर सके तथा आपदाओं के समय आगंतुकों का निर्वाह भी कर सके।
कौटिल्य की ये अनुशंसाएँ आज भी एक परिस्थिति से मूल रूप में भिन्न नहीं हैं, क्योंकि आज भी एक राज्य के लिए सुरक्षा, संसाधन, यातायात व्यवस्था और मजबूत अर्थव्यवस्था को आवश्यक माना जाता है।
प्रश्न 2. पाठ के अनुसार प्रारंभिक वैदिक समाज में शासकों का चयन कैसे किया जाता था?
उत्तर – पाठ के अनुसार प्रारंभिक वैदिक समाज में शासकों का चयन सभा और समिति जैसी संस्थाओं की भूमिका के साथ होता था। राजा से यह अपेक्षा नहीं की जाती थी कि वह स्वेच्छाचारी शासन करे, बल्कि वह सभा-समिति तथा वरिष्ठजनों से परामर्श लेकर निर्णय लेता था। कुछ ग्रंथों के अनुसार यदि राजा अयोग्य होता था, तो उसे सभा द्वारा पदच्युत भी किया जा सकता था। इससे यह स्पष्ट होता है कि शासन में समुदाय की सहभागिता महत्त्वपूर्ण थी।
प्रश्न 3. कल्पना कीजिए कि आप प्राचीन भारत के इतिहास का अध्ययन करने वाले एक इतिहासकार हैं। महाजनपदों के विषय में अधिक जानकारी हेतु आप कौन-कौन से स्रोतों (पुरातात्विक, साहित्यिक इत्यादि) का उपयोग करेंगे? प्रत्येक स्रोत से आपको क्या जानकारी प्राप्त हो सकती है, वर्णन करें।
उत्तर – प्राचीन भारत के इतिहास का अध्ययन करने वाले एक इतिहासकार के रूप में मैं निम्न दो स्रोतों का उपयोग करूँगा –
1. पुरातात्विक स्रोत, जैसे – उत्खनन, जिनसे प्राचीन नगरों के अस्तित्व, उनकी किलेबंदी, परिखाओं, भवनों और नगरीय सरंचना की जानकारी मिलती है।
2. साहित्यिक स्रोत, जिनमें उत्तर वैदिक, बौद्ध और जैन साहित्य शामिल हैं। इन ग्रंथों से महाजनपदों के नाम, उनकी राजधानियाँ, शासन व्यवस्था और उस समय के सामाजिक राजनीतिक जीवन का विवरण प्राप्त होता है।
इस प्रकार, इन दोनों स्रोतों के माध्यम से महाजनपदों के इतिहास को समझा जा सकता है।
प्रश्न : 4 प्रथम सहस्राब्दी सा.सं.पू. में नगरीकरण हेतु लौह धातु-विज्ञान का विकास इतना महत्वपूर्ण क्यों था? उत्तर देने हेतु आप पाठ में दिए गए तथ्यों के साथ-साथ अपनी जानकारी या कल्पना का भी उपयोग कर सकते हैं।
उत्तर – प्रथम सहस्राब्दी सा.सं.पू. में लौह धातु-विज्ञान का विकास नगरीकरण के लिए अत्यंत महत्त्वपूर्ण था, क्योंकि लोहे के औजारों से कृषि का विस्तार संभव हुआ। लोहे के हल, फाल और अन्य उपकरणों ने जंगलों की कटाई और अधिक भूमि को खेती योग्य बनाने में सहायता की, जिससे खाद्यान्न उत्पादन बढ़ा। इसके साथ ही लोहे से बने हथियार कांस्य की तुलना में अधिक मजबूत और प्रभावशाली थे, जिससे राज्यों की सैन्य शक्ति बढ़ी और नगरों की सुरक्षा संभव हुई। लौह तकनीक ने शिल्प, व्यापार और निर्माण कार्यों को भी बढ़ावा दिया।इन सभी कारणों से उत्पादन, व्यापार और जनसंख्या में वृद्धि हुई, जिसने नगरों और महाजनपदों के विकास को गति दी।
अध्याय 4 नवारंभ नगर एवं राज्य FAQ’s
उत्तर – सुरक्षा के लिए
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