You are currently viewing हिंदी की प्रथम रचना
हिंदी की प्रथम रचना

हिंदी की प्रथम रचना

हिंदी की प्रथम रचना

‘सरहपाद’ हिंदी के पहले कवि अवश्य है, किन्तु उनकी कोई रचना (हिंदी की प्रथम रचना) उपलब्ध नहीं होती है. राहुल सांकृत्यायन ने ‘हिंदी काव्य धारा’ में सरहपाद की कुछ मुक्तक रचनाओं को सम्मिलित किया है.

यदि एक ग्रन्थ के रूप में हिंदी की प्रथम रचना का निर्धारण करना हो तो जैन आचार्य देवसेन द्वारा रचित ‘श्रावकाचार’ को ही माना जा सकता है. इस ग्रन्थ में 250 दोहों में श्रावक धर्म का वर्णन किया गया है. इस ग्रन्थ की रचना 933 ई. में की गई .

प्रातिक्रिया दे

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.